कार मे चूत लंड का मिलन

Car me chut lund ka milan:

Antarvasna, hindi sex story मेरे पिताजी पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं और वह बड़े ही सख्त मिजाज हैं हम लोगों को दिल्ली में आए हुए 5 वर्ष हो चुके हैं इससे पहले हम लोग हरियाणा में ही रहते थे। गांव की स्कूल में ही हम लोग पढ़ाई करते थे लेकिन मेरे पिताजी ने हमें अपने पास दिल्ली बुला लिया और हम लोग दिल्ली में पढ़ने लिखने लगे। मैंने तो अपनी 12वीं की पढ़ाई गांव से ही पूरी कर ली थी लेकिन मेरे छोटे भाई की स्कूल की पढ़ाई अभी दिल्ली में ही जारी थी मैं कॉलेज में पढ़ने लगी थी। मेरे भाई के एग्जाम में बहुत ही कम नंबर आये जब पिताजी ने उसके नंबर देखे तो पिताजी आग बबूला हो गये और उन्होंने गुस्से में मेरे भाई सोहन की मार्कशीट को जमीन पर फेंक दिया तभी मेरी मां आई और कहने लगी आप उन पर बात बात पर गुस्सा हो जाते हैं।

मेरे पिता जी ने भी ऊंचे स्वर में मेरी मां से कहा तुमने अपने लाल को सर पर बैठा कर रखा है यदि तुम उसे इतना दुलार और प्यार ना देती तो शायद आज वह पढ़ने में अच्छा होता लेकिन पढ़ाई के नाम पर तो सोहन ने मेरी नाक कटवा कर रख दी है। मेरे पिताजी को यह बात बहुत ही बुरी लगी थी और वह इस बात से बहुत गुस्से में थे लेकिन मेरी मां के पास भी कोई जवाब नहीं था मेरी मां कहने लगी आप भी तो उससे प्यार से बात कर सकते हैं। मेरे पिताजी तो उससे कभी प्यार से बात किया ही नहीं करते थे उन्हें सोहन से बहुत उम्मीदें थी और वह चाहते थे कि सोहन भी पढ़ लिखकर पुलिस में एक बड़ा अधिकारी बने लेकिन फिलहाल तो यह सब होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा था। सोहन का पढ़ने में बिल्कुल भी ध्यान नहीं था उसे खेलने का बड़ा शौक था लेकिन पिताजी को यह बात बिल्कुल भी पसंद नहीं थी और वह इस बात से बहुत गुस्से में रहते थे। सोहन बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं करता था उन्होंने मुझे कहा आकांक्षा बेटा तुम ही सोहन को कुछ पढा दो ताकि उसके दिमाग में कुछ आ सके। मेरे तो समझ में नहीं आ रहा था कि मैं उसको क्या बोलूं पिताजी भी बहुत ज्यादा गुस्से में थे और उन्होंने मेरे ऊपर सोहन की पूरी जिम्मेदारी डाल दी थी कि अब तुम ही इसे बढ़ाओ।

पिताजी गुस्से में अपनी ड्यूटी पर चले गए और मैंने सोहन को कहा तुम पढ़ते क्यों नहीं हो सोहन कहने लगा दीदी मुझे कुछ याद ही नहीं हो पाता है और तुम ही बताओ इसमें मेरी क्या गलती है मेरा पढ़ने में बिल्कुल मन नहीं लगता लेकिन पिताजी मुझे कहते हैं कि तुम सिर्फ पढ़ाई करो अब तुम ही बताओ जब मुझे कुछ याद ही नहीं होता तो मैं कैसे पढ़ाई करूं। मैं सोहन की बात समझ रही थी लेकिन मैंने उसे कहा कि देखो तुम्हें पढ़ना तो पड़ेगा ही मैंने सोहन की अब पढ़ाई में मदद करनी शुरू कर दी हालांकि सोहन हमारे पड़ोस के ही बृजभूषण अंकल के पास पढ़ने के लिए जाया करता था और वह उसे बड़े अच्छे से पढ़ाते भी थे लेकिन सोहन को कुछ भी समझ नहीं आता था इसलिए मैंने उसकी मदद करने की ठान ली थी। मैंने सोहन की पढ़ाई में मदद की सोहन भी अब अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने लगा था और वह अच्छे से पढ़ाई करने लगा था मैं उसके एग्जाम की तैयारी में उसकी मदद करने लगी। कुछ ही समय बाद सोहन के मेन एग्जाम आ चुके थे जब सोहन के मेन एग्जाम आए तो मैंने सोहन से कहा देखो तुम्हें अच्छे से एग्जाम देना है और तुम बिल्कुल भी टेंशन मत लेना। सोहन ने भी अच्छे से एग्जाम दिए और करीब दो महीने बाद उसका रिजल्ट आ गया जब सोहन का रिजल्ट आया तो उसके नंबर भी अच्छे आ चुके थे पापा इस बात से खुश थे और उन्होंने सोहन को एक बाइक गिफ्ट दी लेकिन सोहन का मन पढ़ाई में बिल्कुल भी नहीं लगता था। अब वह कॉलेज में जा चुका था लेकिन पढ़ाई से उसका दूर-दूर तक कोई नाता ना था और वह सिर्फ अपने खेल में ही लगा रहता इसी बीच एक दिन मैंने सोहन से कहा तुम मुझे आज कॉलेज छोड़ दोगे तो सोहन कहने लगा ठीक है दीदी मैं आपको कॉलेज छोड़ देता हूं। सोहन ने मुझे कॉलेज छोड़ दिया और जब उसने मुझे कॉलेज छोड़ा तो उसके बाद मैं अपने कॉलेज में चली गई।

मैं अपने कॉलेज के अंदर जा ही रही थी कि कुछ लड़के मुझ पर कमेंट मारने लगे और मैंने जब पीछे पलट कर देखा तो उनमें से एक लड़के ने मेरी तरफ बड़ी गंदी नजरों से देखा मैं वहां से बड़ी तेजी से अपने क्लास रूम की तरफ बढ़ी और मुझे उसके बाद बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा। मैं अपने क्लास रूम में जा कर रोने लगी मेरी सहेली ने मुझे समझाया और कहा देखो काजल ऐसा होता ही रहता है लेकिन तुम इसे दिल पर मत लो उन लड़कों का क्या है वह तो हमेशा ही ऐसी बदतमीजी करते रहते हैं। जब भी मैं कॉलेज जाती तो वह लड़के मुझे देखकर हमेशा ही गंदे इशारे किया करते जिससे कि मैं बहुत ज्यादा परेशान रहने लगी थी यह बात मैं अपने पापा को भी नहीं बता सकती थी यदि मैं पापा को यह बात बताती तो पापा बहुत गुस्सा हो जाते इसलिए मैंने पापा को इस बारे में कुछ नहीं बताया। एक दिन जब वह लड़के मुझे देख कर कमेंट कर रहे थे तो सामने से एक लड़का गुजर रहा था उसे मैंने अपने कॉलेज में पहले नहीं देखा था उस लड़के ने उनके साथ झगड़ा करना शुरू कर दिया और उनकी बहुत पिटाई की बाद में उस लड़के ने जब मुझ से हाथ मिलाते हुए अपना नाम बताया तो मैंने उसे कहा तुमने बहुत अच्छा किया। राजेश ने कहा मै इन लड़कों को यहां देखता रहता हूं और यह हर लड़की के साथ ऐसे ही बदतमीजी करते हैं मैंने राजेश से कहा तुम बहुत ही हिम्मत वाले हो मैं तुम्हें धन्यवाद कहना चाहती हूं।

राजेश मुझसे कहने लगा मैं ऐसे ही किसी का धन्यवाद कैसे ले लूं तुम्हें मेरे साथ एक कप चाय तो पीना ही पड़ेगा मैं भी राजेश की बात को मना ना कर सकी और हम दोनों कैंटीन में चले गए। जब हम दोनों कैंटीन में गए तो वहां पर राजेश ने चाय आर्डर करवा दी मैं अपनी कॉलेज की कैंटीन में कम ही जाया करती थी लेकिन उस दिन राजेश के साथ मुझे बिल्कुल भी डर नहीं लगा और मैं राजेश के साथ अपने कॉलेज की कैंटीन में बैठकर चाय पी रही थी। मैंने राजेश से पूछा मैंने तुम्हें इससे पहले कभी कॉलेज में नहीं देखा तो राजेश कहने लगा मैंने इसी वर्ष कॉलेज में एडमिशन लिया है। हालांकि राजेश उम्र में मुझसे छोटा था लेकिन मुझे उस का साथ पाकर अच्छा लगा और मैं राजेश के साथ उस दिन बड़े अच्छे से बात करने लगी पहली ही मुलाकात में हम दोनों इतनी बात कर रहे थे कि मुझे महसूस भी नहीं हुआ कि मैं राजेश से पहली बार ही मिल रही हूं मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं बरसों से राजेश को जानती हूं। राजेश ने उस दिन मुझे मेरे घर पर भी छोड़ा। राजेश का साथ पाकर मुझे बहुत अच्छा लगा जब मैं घर आई तो मेरे दिलो-दिमाग पर सिर्फ राजेश का ही चेहरा था। मैं बहुत ज्यादा खुश थी मेरी आंखों से नींद भी गायब थी मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं लेकिन जब राजेश ने मुझे फोन किया तो मैं और भी खुश हो गई। हम दोनों आपस में बात करने लगे हम दोनों की फोन पर बातें हो रही थी मेरा फोन रखने का मन ही नहीं था और ना ही राजेश का फोन रखने का मन हो रहा था। उसके बाद यह सिलसिला चलता रहा हम दोनों अब भी एक दूसरे से अपने दिल की बात कहने में कतराते थे लेकिन मुझे राजेश के ऊपर पूरा भरोसा था जिसकी वजह से मैंने राजेश के साथ एक दिन घूमने का प्लान बनाया। हम दोनों घूमने के लिए गए राजेश ने ही मुझे अपने साथ घूमने ले जाने की बात कही थी।

मैं भी उसे मना ना कर सकी हम दोनों उस दिन लॉन्ग ड्राइव पर चले गए लेकिन रास्ते में जब राजेश ने मेरा हाथ पकड़ा तो मुझे अच्छा लगने लगा। राजेश को भी बहुत अच्छा महसूस हो रहा था राजेश ने जैसे ही मेरे होठों की तरफ अपने होंठ बढाने शुरू किए तो मैं शर्माने लगी लेकिन राजेश ने मेरे गुलाबी होठों को चूम लिया। जब उसने मेरे गुलाबी होठों का रसपान करना शुरू किया तो मैं भी अब अपने कंट्रोल से बाहर आ चुकी थी राजेश ने जैसे ही मेरे स्तनों को अपने हाथों से दबाना शुरू किया तो मुझे और भी अच्छा लगने लगा। राजेश ने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो मैंने उसे हिलाना शुरू किया और हिलाते वक्त मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि मैं उसे मुंह में ले लूं और आखिरकार मैंने राजेश के काले और मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और उसे चूसने लगी। मुझे राजेश के लंड को सकिंग करने में बड़ा मजा आता मैं उसके लंड को अच्छे से चूस रही थी जैसे कि कितने समय से मैं भूखी बैठी हुई हूं।

काफी देर तक ऐसा करने के बाद जब राजेश की उत्तेजना भी बढ़ने लगी तो उसने मुझे कार के पीछे वाली सीट में बैठाया और मेरी सलवार और पैंटी को उतार दिया मैंने अपनी योनि को ढकने की कोशिश की लेकिन राजेश ने उसे हटाते हुए अपने लंड को मेरी योनि पर सटाना दिया। मेरी योनि से पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा मेरी योनि गीली हो चुकी थी जब राजेश ने मेरी योनि के अंदर अपने मोटे लंड को घुसाया तो मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई। जैसे ही राजेश ने मेरी योनि के अंदर अपने मोटा लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया तो मेरी उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ने लगी मैं पूरी तरीके से जोश में आ चुकी थी। मेरा जोश इस कदर बढ़ने लगा कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मै राजेश को अपनी बाहों में लेने लगी राजेश मुझे कहने लगा तुम्हें अच्छा तो लग रहा है? मै राजेश से कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है। मेरी योनि की चिकनाई में बढ़ोतरी होने लगी थी राजेश ने भी जब अपने वीर्य को मेरी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो मैंने अपनी चूत पर हाथ लगाया तो मेरी योनि से खून निकल रहा था। मैंने राजेश से कपड़ा लिया और अपनी योनि को साफ किया लेकिन काफी देर तक खून निकलता रहा। जब मेरी योनि से खून निकलना बंद हुआ तो मैंने राजेश से कहा मुझे तुम घर छोड़ दो। राजेश ने मुझे घर छोड़ दिया था।


Comments are closed.



Online porn video at mobile phone


chut marne ki storykahani chudai ki in hindihimdi hd fuck shas kipussymaa bete ki hindi sexy kahaniबेटे से चुदी कहानीbaap beti sexy kahanidevar bhabhi ki chudai kahanimaine chudai kimaa ke chodahindi language sexgandi suhagratkanchan bahuhamarivasna combap ne bete ko chodamast nangi chutww badwap comchudai ki gathaKahaneatrvasnahindi sex story pdf downloadBhai se tail malish k bhane chudvi saxy storyindian bhabhi chudai kahanimaa beta chodahindi kamukta kahaniShadime cudhai gay sex kahanichudail ki kahani in hindi font with photokamukta पति की गैरमौजूदगी में जवान लडके से चुदाईhindi six bfkamsutra katha hindisexy story hindi realsexy pyarwww nani ki chudai comchudai ki kahani meri jubanitop sexy hindi storychoot masalahindi chut chudaimaa aur bete ki sexy kahanichodan comnepali sex kahanibete ki chudai kahanimama bhanji sexy storybhayankar chudaisuman fucklatest hindi chudai storysex story with mamidewar bhabhi ka sexChudayi ki कहानीdhati orat kibandi ko chodamaa or beti ki chudaichudai chachi kiantarvasna com chachi ki chudaidehati xx videopure pariwar ki chudai tagre lumd se storisकहानी छोटे भाई ने मुझे चोदाhindi sex story with pichindi sex story sasur bahushort sex story hindireal aunty sex storiesbv k sone k bad sas ko choda.boor ki chodai ki kahanichachi ki chodai storytrain mai chudaisex karte huadevar bhabhi ki chudai hindi kahaniheroine ki chudaipahli chudai kahanichudai ki dardnak kahanibhai ne dosto ke sath chodamaine chudwayabahu ki gaandhindi best chudai storychut ki bhukजीपी चदी सकसी ममीdesi lesbian girl sexsexi chut lundbhai se gand marwaihindi chudai kahani sitechachi ki chudaichachi ko chodne ka tarikagher ki chudaisavita bhabhi ki chudai ki story