अरे बाबा ऐसे नहीं चोदो मुझे

Kamukta, hindi sex kahani, antarvasna:

Are baba aise nahi chodo mujhe पिया मुझे कहती है कि राजेश काफी दिन हो गये जब से हम लोग कोलकाता में शिफ्ट हुए हैं तब से हम लोग कहीं बाहर साथ में नहीं गए हैं। पिया की बात को मैं भी मना नहीं कर सकता था इसलिए मैंने उसे कहा कि ठीक है परसों मेरी छुट्टी होगी तो उस दिन हम लोग चलेंगे। पिया और मेरी शादी को 4 वर्ष हो चुके हैं पिया घर का काम संभालती है, मैं अपने ऑफिस सुबह निकल जाता हूं और शाम को ही लौटता हूं। पिया का समय घर पर अकेले नहीं कट पाता था इसलिए वह मुझे कहने लगी कि काफी समय से हम लोगों ने साथ मे अच्छा समय नहीं बिताया है तो मैं पिया की बात को भी मना नहीं कर पाया। हम लोगों की मुलाकात पहली बार मेरे भाई के बर्थडे में हुई थी उसके बर्थडे के दिन पिया से मेरी पहली बार मुलाकात हुई जब मेरी पिया से पहली मुलाकात हुई तो मेरे दिल में पिया ने जादू कर दिया और मैं भी पिया की तरफ खींचा चला गया।

मैं अपने दिल को समझा ही नहीं पाया और आखिर में मैंने अपने दिल की बात पिया से कह दी हम दोनों ने उसके बाद शादी कर ली और शादी के बाद मेरी पोस्टिंग तमिलनाडु में हो गई। मैं काफी वर्षों तक पिया से अलग रहा पिया मम्मी पापा के साथ जयपुर में रहती थी लेकिन अभी कुछ समय पहले ही मेरी पोस्टिंग कोलकाता में हुई है तो मैंने सोचा कि क्यों ना पिया को अपने साथ ले आऊँ तो मैं पिया को अपने साथ ले आया। हम दोनों काफी समय से कहीं घूमने भी नहीं गए थे तो मैंने सोचा कि क्यों ना इस बहाने पिया के साथ थोड़ा वक्त बिताने का मौका मिल जाएगा और शायद यह सही भी था क्योंकि पिया घर में अकेले बोर हो जाया करती थी और आस पड़ोस में अभी हम लोग किसी को अच्छे से जानते भी तो नहीं थे। पिया और मैं जब उस शाम जब डिनर के लिए गए तो हम लोगों का उस दिन बहुत ही अच्छा समय बीता हम लोग करीब 3 घंटे उस रेस्टोरेंट में रुके। रेस्टोरेंट बड़ा ही शानदार था और वह रेस्टोरेंट शहर के बीचोबीच था कुछ देर बाद हम लोग घर लौट आए थे जब हम लोग घर लौटे तो पिया मुझसे कहने लगी राजेश तुम्हें याद है जब हम लोग पहली बार अपनी डेट पर गए उस दिन तुम कितना शरमा रहे थे।

मैंने पिया से कहा तुम्हें मालूम तो है ना मेरा नेचर कैसा है पिया मुझसे कहने लगी हां मुझे मालूम है कि तुम्हारा नेचर कैसा है लेकिन तुम उस दिन बहुत ही ज्यादा शर्मा रहे थे और मुझे भी ऐसा लग रहा था कि मैं तुमसे क्या बात करूं। मैंने पिया से कहा अच्छा तो तुम्हें ऐसा लग रहा था पिया कहने लगी हां राजेश उस दिन मैं तुम से खुल कर बात भी नहीं कर पाई थी लेकिन आज जब मैं उस दिन को याद करती हूं तो मुझे लगता है कि हम लोग उस दिन बिल्कुल भी बात नहीं कर पाए थे और मुझे भी बड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था। मैंने पिया से कहा मैं तुमसे उस दिन बात तो करना चाहता था लेकिन बात कर नहीं पाया। हम दोनों आपस में बात कर रहे थे लेकिन ना जाने कब पिया की आंख लग गई और वह सो गई मैं भी थोड़ी देर बाद सो चुका था। अगले दिन सुबह ही हमारे दरवाजे को कोई बड़ी तेजी से खटखटा रहा था क्योंकि डोर बेल कुछ दिन पहले ही खराब हो चुकी थी और मैं जब दरवाजे की तरफ गया तो सामने एक युवक खड़ा था उसकी उम्र ज्यादा नहीं थी मैंने उसे पूछा वैसे क्या कुछ काम था। वह कहने लगा क्या आकाश जी घर पर होंगे तो मैंने उसे कहा आकाश जी तो यहां पहले रहा करते थे अब उनका ट्रांसफर हो चुका है। वह मुझे कहने लगा सॉरी मुझे माफ कर दीजिए मुझे नहीं पता था कि आकाश जी अब यहां पर नहीं रहते और यह कहते हुए वह चला गया मैं जब बेडरूम में आया तो पिया मुझसे पूछने लगी कौन था। मैंने पिया को कहा कि कोई लड़का था वह पूछ रहा था की क्या आकाश जी हैं तो मैंने उसे बताया कि नहीं आकाश जी ने यहां से अब घर छोड़ दिया है, पिया कहने लगी मैं आपके लिए नाश्ता बना देती हूं। पिया मेरे लिए नाश्ता बनाने के लिए रसोई में चली गई और मैं तैयार होकर डाइनिंग टेबल पर बैठा हुआ था कुछ देर बाद पिया ने गरमा गरम चाय का प्याला मुझे दिया और मैंने वह चाय पी उसके बाद उसने मुझे नाश्ता भी दिया। नाश्ता करके मैं अपने ऑफिस के लिए तैयार तो हो ही चुका था अब मुझे अपने ऑफिस निकलना था मैंने पिया से कहा मुझे आने में थोड़ा देर हो जाएगी।

पिया कहने लगी लेकिन आज आप कहां जा रहे हैं मैंने पिया से कहा आज मुझे ऑफिस में हमारे एक व्यक्ति के घर पर जाना है उन्होंने हमारे ऑफिस के लोगों को डिनर पर इनवाइट किया है तो हो सकता है मुझे आने में देर हो जाएगी तुम खाना खा लेना। पिया कहने लगी लेकिन तुम्हारे बिना मैं कैसे खाना खा लूंगी मैंने पिया से कहा तुम खाना खा लेना मैं आ जाऊंगा पिया कहने लगी ठीक है मैं खाना खा लूंगी। मैं अपने ऑफिस के लिए अपने घर से निकल चुका था मुझे मेरे दफ्तर पहुंचने में करीब आधा घंटा लगा लेकिन उस आधे घंटे के दौरान रास्ते में मेरे साथ एक दुर्घटना हो गई। मेरी गाड़ी एक मोटरसाइकिल सवार युवक से टकरा गई और जब वह गाड़ी से टकराई तो मैंने उसे कहा कि तुम्हें लगी तो नहीं है उसे थोड़ा बहुत चोट तो लग चुकी थी। मैंने उसे अस्पताल तक पहुंचाया और वहां पर उसके इलाज के लिए मैंने उसे पैसे दिए मुझे ऑफिस जाने के लिए लेट हो चुकी थी वह लड़का मुझे कहने लगा सर आप चले जाइए मैं अपना ध्यान रख लूंगा। मैं वहां से अपने ऑफिस के लिए निकला तो ऑफिस में मुझसे मेरे साथ के लोग पूछने लगे कि क्या हुआ तो मैंने उन्हें पूरी घटना का विवरण दिया और कहा कि कैसे आगे से एक लड़का बड़ी तेजी से आ रहा था। हालांकि उसकी गलती थी लेकिन मुझे कुछ ठीक नहीं लगा इसलिए मैं उसे अस्पताल लेकर गया और वहां मैंने उसका इलाज करवा लिया।

वह मुझे कहने लगे तुमने बहुत अच्छा किया जो उस लड़के का इलाज करवा दिया अब वह लड़का कैसा है मैंने उन्हें कहा कि अब तो ठीक है। हमे काम करते हुए शाम हो चुकी थी और शाम के 6:00 बज चुके थे सब लोग अपना सामान संभाल रहे थे मैंने भी अपना सामान अपने बैंक में रख दिया था और हम लोग गोविंद जी के घर पर जाने को तैयार हो गए। हम लोग उस दिन गोविंद जी के घर पर चले गए जब हम लोग उनके घर पहुंचे तो उनके कुछ मेहमान भी आए हुए थे उनका घर काफी बड़ा है क्योंकि वह कोलकाता के रहने वाले हैं और वह उनका पुश्तैनी मकान है। उनके रिश्तेदार भी आए हुए थे उन लोगों से गोविंद जी ने हम लोगों का परिचय करवाया जब हम लोगों का परिचय गोविंद जी ने उनसे करवाया तो हम लोगों को उनसे मिलकर अच्छा लगा। गोविंद जी के परिवार से मिलकर बहुत अच्छा लगा उनके परिवार में उनके दो बच्चे हैं और उनकी पत्नी का व्यवहार भी बहुत अच्छा है वह भी बिल्कुल गोविंद जी की तरह ही हंसमुख हैं। जब मैं गोविंद जी के घर पर जाता हूं तो वहां पर मेरी मुलाकात मधुलिका से होती है मधुलिका की आंखों में एक शरारत भरी हुई थी और उसकी शरारत भरी नजरें मुझे बड़े ध्यान से देख रही थी। हम दोनों की आंखे एक दूसरे से टकरा रही थी मैंने मधुलिका के कानो मे कहा तुम मेरे पास आ जाओ। वह मेरे पास आ गई जब वह मेरे पास आई तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगने लगा और हम दोनों बैठ कर बातें करने लगे। सब लोग हमारी तरफ देख रहे थे शायद हमारे ऑफिस के कुछ लोग मुझे देख कर जल भी रहे थे क्योंकि मैं तो टाइट और सुडौल माल के साथ था। मैंने मधुलिका से उसका नंबर ले लिया था हम दोनों ने साथ में डांस भी किया।

मैं मधुलिका से अपने घर से चोरी छुपे ही बात किया करता था क्योंकि उससे मेरी बात हो पाना बड़ा ही मुश्किल था मेरी पत्नी मुझ पर नजर रखती थी इसलिए मुझे मधुलिका से चोरी छुप कर बात करनी पड़ती थी। जब वह मुझे अपनी तस्वीरें भेजती तो मैं भी आपने आपको रोक नहीं पा रहा था मैं भी अपने आप को कब तक रोक पाता। मैंने मधुलिका से मिलने का फैसला किया जब हम दोनों मिले तो उस दिन मुझे मधुलिका से मिलकर ऐसा लगा जैसे कि मेरे हाथ में कोई मेरे सपनों की राजकुमारी आ गई हो। मधुलिका की हाइट मेरी जितनी थी उसकी बड़ी चूतडो को मैने हाथ से दबाया तो मैं उत्तेजित होने लगा वह भी मजे में आने लगी। हम दोनों के लब एक दूसरे से टकराने लगे थे मैंने मधुलिका के होठों से खून निकाल दिया जैसे ही मैंने मधुलिका के स्तनों को बाहर निकालते हुए उन्हें चूसना शुरू किया तो उसे अच्छा लगने लगा और मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था। मैंने मधुलिका के स्तनों को काफी देर तक चूसा जब मधुलिका के स्तनों से दूध बाहर निकाला तो उसके अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी। उसने मुझसे इच्छा जाहिर की मैं आपके लंड को अपने मुंह में लेना चाहती हूं।

मधुलिका को मेरे लंड को लेने में बड़ा मजा आता मधुलिका ने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर करना शुरू किया तो मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मधुलिका मेरे वीर्य को भी बाहर निकाल देगी। उसकी अदाएं बड़ी ही कमाल की थी जब उसने मेरे सामने अपने दोनों पैरों को चौड़ा किया तो उसकी योनि का छेद मुझे साफ दिखाई दे रहा था। मैंने भी उसकी भूरे बाल वाली चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया और अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया। जैसे ही मेरा लंड मधुलिका की योनि के अंदर बाहर होता तो उसकी योनि से आवाज निकल आती और उसके मुंह से भी आवाज निकल रही थी उसके मुंह से बड़ी मादक आवाज निकलती और उसकी मादक आवाज से मै उसे आगोश मे ले लेता  मुझे मधुलिका की आवाज में एक मादकता नजर आ रही थी। उसकी योनि के मजे मैंने जिस प्रकार से लिए उससे मैं पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुका था। मैंने जब मधुलिका की योनि में अपने वीर्रशय को गिराया तो वह बड़ी खुश हुई उसके बाद भी यह सिलसिला चलता ही रहा।


Comments are closed.



Online porn video at mobile phone


ममी पापा खेल चुदाई कहानियाँtutor ko chodaantarvasna maa ki chudaiwww hindi sex storymastram ki gandi kahanididi ki gand chudaispecial chudaichudai ki kahani aunty ke sathchachi ko choda antarvasnasexy latest hindi storiesaunty doodhchudai story photo ke sathhindi srxmarathi famili sex kahaniyaBhai se tail malish k bhane chudvi saxy storyबाप बेटी चूयrandi chudai kahaniland and chut ki storyसेक्स स्टोरी भाइयो ने माँ को चोदाhindisixstoryhindi sex story with imagesexy story in hindi languagemarathi sixy storyindian bhabi sex storiesmastram net commaa bete ki antarvasnaantarvasna 2017hindi bete ke liye salwar phadi sex kahaniantarvasna auntydidi chudai videobiharn ki chudaichudai story behanwww desi sex story combhabhi ki chut fbhindi sexi khaniyaजेठ ने चुत स्तन और गाड मे लंड दियाbatroom main chudai kreaye sex storiesmedum ki chudainonveg hindi sex storysax storeyteacher chudai kahaninind aane ki tabletauntysexkahanibhai ki gf ki chudaiboy ko chodachudai ki raathindi chodanphata chutbabita sex storyगोदाम की चुदाई की कहानियांchikni chut ki videochudai suhagraat kisexy aunty ki sex storygandi kahanibahan ki chut ki chudaipahli chudai ki kahanibhai ne chut marichodne ki kahani in hindi fontsaans ki chudaimadam ki chudai ki kahaniantarvasna ki hindi storyrandi ki chutsex story in marathi newchut hindi sex storykuwari ladki ki chuthindisexkahani comhindi me chut land ki kahanisex story kahaniसेकसी सील तुड़वाने वीडियोsex hindi story with picturegay sex kahanibhabhi ki chudai kahani hindi mekunwari teacher ki chudaibhai bhen sex storyfree antarvasna kahanigandi story hindi language